टिफ़िन वाली बहु – bedtime stories | kahaniya | fairy tales | moral stories | story time | hindi stories.

टिफ़िन वाली बहु – bedtime stories | kahaniya | fairy tales | moral stories | story time | hindi stories.

बहू सुलेखा मेरा पर्स यह लीजिए आपका पास और रुमाल आपके जूते भी पॉलिश कर के रख दिए हैं और टिफिन टेबल पर रख दिया है वाह कितना भाग्यशाली हूं मैं जो तुम जैसी पत्नी मिली है और ना आज के जमाने में पढ़े लिखे और घरेलू लड़की कहां मिलती है सुनिए जी ओ मुझे ना आपसे कुछ बात करनी थी देखो अभी मुझे जाना है देर हो रही है आकर बात करेंगे हां हां अरे रोज किसी न किसी वजह से बात रह ही जाते हैं

फिर एक दिन सुनिए ना एक बहुत जरूरी बात करनी है आपसे क्या हुआ बताओ मुझे वह बात है कि घर बैठे बैठे मैं थक गई हूं मुझे भी शैली की तरह बाहर नौकरी करनी है मगर सुलेखा पुराने विचारों के हैं ओ मना कर देगी और तुम पर जानते हैं एक बार जो मैंने कमिटमेंट कर दे फिर तो अपने पापा के भी नहीं सुनते तो आप क्या चाहते हैं दिन भर घर में पड़ी रहूं मैं चलो एक काम करो मैं तुम्हें नौकरी करने की इजाजत देता हूं और मां को कैसे मनाना है तुम देखो सुलेखा मान जाती है और अगले ही दिन मौका देकर अपने सास के पास जाती है

मां आप से बात करनी थी तो किसका इंतजार कर रही हो फोटो ना मुझसे मां मुझे नौकरी करने का मन है नाश्ता उठकर एकदम बैठ जाती है क्या कहा अगर तुझे नौकरी करनी है तो फिर मुझे भी चांद पर जाना है आजकल की लड़कियां थोड़ा बहुत पक्का पढ़ लेती है चल देते हैं दुनिया जीतने मगर मगर मगर कुछ नहीं जाकर खाना बनाओ मेरे नाश्ते का वक्त हो गया है सुलेखा वहां से उदास होकर निकल जाती है शाम के समय जब महेश सुलेखा को उदास देखकर तो पूछता है रे क्या हुआ सुलेखा उदास लग रही हो मां से कुछ बात हुई क्या मां से नौकरी की बात की और उन्होंने मना कर दिया तुम चिंता मत करो मैं बात करता हूं हां

यह सुनकर सुलेखा खुश हो गई अगले सुबह मां हो आपसे सुलेखा का नौकरी के बारे में बात करनी थी आप तुझे भी अपनी बातों में फंसा लिया ना इसने ऐसा नहीं है मां नौकरी करेगी तो घर चला भी आसानी होगी वैसे भी मुझे लगता है कि थोड़े ही दिनों में प्याज खरीदने के लिए भी अपडेट करवानी पड़ेगी नौकरी करेंगे तो और कौन संभालेगा बड़ा आया अपने बीवी की वकालत करने वाला अपनी मां खरी-खोटी सुनकर और सुलेखा के पास गया तो सुलेखा बोली सुनिए जी माही चाहते हैं ना कि नौकरी के साथ घर का भी काम करो तो अगर मैं घर से काम करो फिर तो मां मान जाएगी ना क्या ऐसा हो सकता है

क्या क्यों नहीं सिलाई कढ़ाई बुनाई बहुत से ऐसे काम है जो घर से हो सकते हैं आप मुझे थोड़ा सोचने का समय दीजिए अगले ही दिन सुलेखा ने महेश से कहा क्यों ना मैं से भी शुरू करो ज्यादा खर्चा भी नहीं आएगा और मैं घर भी रह पाऊंगी अगले सुबह मांस खाने टिफिन सर्विस शुरू करने का सोचा है इससे उस घर का ध्यान भी रख पाएगी और काम करने में भी आसानी होगी तो अभी तक नौकरी करने का भूत नहीं उतरा है उसके सर से मां कैसे बात करते हो मां तुम तो यही चाहते थे ना और घर का ध्यान भी रखें तो ऐसा ही तो हो रहा है ना

ना चाहते हुए भी उसकी मां को मानना पड़ा धीरे-धीरे सुलेखा की टिफिन सर्विस शहर में मशहूर होने लगी उस के टिफिन के लिए दूर-दूर से आर्डर जाने लगे यह देखकर उसका साथ उससे जलने लगी और उसने उसका बिजनेस बंद कराने की ठान ली फिर एक दिन सुनिए जी देखिए तो मुझे कितना बड़ा ऑर्डर मिला है यह देखिए एक शादी में 200 लोगों के लिए दाल पनीर और मिक्स वेज बनाने का एक स्पेशल लोडर मिला है हमें जल्दी से सामान ले आती हूं जल्दी से जल्दी तैयारी भी तो करनी होगी ना सास उसकी सारी बातें सुन लेती है और और उसका खाना खराब करनेके लिए थान लेती है

जिस दिन खाने की डिलीवरी हुई होती है उस दिन नजर बचाकर ढेर सारा नमक डाल देती हैं आई बड़े खाना बनाने वाली आप बढ़ेगा खाने का तरीका शाम के समय बहू मैं थोड़ी देर के लिए बाहर जा रही हूं महेश के दूर के मामा की बेटी के शादी है अब तुझे तो तेरे काम से फुर्सत नहीं मिली मगर मुझे तो समाज के मां दिखाना है ना ऐसा कहकर साथ शादी के लिए निकल जाते हैं जब बारात के लिए खाना परोसा जाता है बारातियों का मुंह गुस्से और मिर्च के लाल पीला हो जाता है

शादी में एक अजीब तरह का तनाव खड़ा हो जाता है हे भगवान इतनी मिर्ची तब उसका माथा ठनका और और समझ जाती है की बारात के लिए 200 लोगों का खाना बनाने के लिए आर्डर आया था और कोई नहीं और कोई नहीं उसकी भांजी की शादी थी यह देखकर साथ बहुत पछताते हैं सुलेखा और अपने बेटे को सब सच-सच बता देते हैं जैसे तैसे मिनटों के बाद उनके माता-पिता बाराती और दूल्हे के मां-बाप को मना लेते हैं और शादी हो जाते हैं अगले दिन बहू बहू मुझे माफ कर दे मुझे अपनी गलती का एहसास हो गया है भाजी मुझे खुशी है कि अब आप मुझे समझते हैं अबे बता तेरी टिफिन सर्विस उस कंपनी में मुझे नौकरी मिलेगी क्या बात है इतना सुनने के बाद में सुलेखा और उसकी सास भी तीनों दिल खोल कर हंस पाते हैं हमें किसी का बुरा नहीं सोचना चाहिए

“जो बना दे सारे बिगड़े काम” मां के चरण में होते चारों धाम …

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