संघ सूची,राज्य सूची,समवर्ती सूची, Union List, State List, Concurrent List

 वर्तमान में संघ सूची,राज्य सूची,समवर्ती सूची में कितने विषय है

केंद्र राज्य सम्बन्ध – भारतीय संविधान एक संघीय संविधान है, इसलिए संविधान की सातवीं अनुसूची में केंद्र और राज्य की शक्तियों में विभाजन किया गया है, इस विभाजन का स्पष्ट उल्लेख के लिए तीन सूची का निर्माण किया गया है, जो इस प्रकार है-

  1. संघ सूची
    2. राज्य सूची
    3. समवर्ती सूची

      1. संघ सूची (Union Catalog)-

राष्ट्रीय महत्व से सम्बंधित विषयों को संघ सूची में सम्मिलित किया गया है, इन विषयों से सम्बंधित कानून बनाने का अधिकार संसद को प्रदान किया गया है

       2.  राज्य सूची (State list)

क्षेत्रीय महत्व से सम्बंधित विषयों को वरीयता देते हुए संविधान द्वारा कानून बनाने का अधिकार राज्य विधानमंडल को प्रदान किया गया है

    3. समवर्ती सूची (Concurrent List)

समवर्ती सूची में उन विषयों को सम्मिलित किया गया है, जिस पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों कानून का निर्माण कर सकती है | दोनों सरकारों द्वारा बनाये गए कानून में गतिरोध उत्पन्न होने पर केंद्र सरकार के क़ानून को मान्यता प्रदान की गयी है, केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए कानून को लागू करते ही राज्य सरकार का कानून स्वतः ही समाप्त मान लिया जाता है, इसके लिए किसी भी प्रकार की अधिसूचना जारी नहीं की जाती है |

  1. संघ सूची के विषय (Subject Of Union Catalog)

वर्तमान समय में संघ सूची में कुल 100 विषयों को सम्मिलित किया गया है, जिनमे से प्रमुख इस प्रकार है, जैसे- सेना, रक्षा , विदेशी मामले , रेल, डाक, बचत ,परमाणु ऊर्जा ,नागरिकता ,संचार ,मुद्रा (करेंसी) ,भारतीय रिजर्व बैंक ,बैंकिंग बीमा स्टॉक विनिमय (स्टॉक एक्चंगे) , जनगणना, आयकर तथा निगम कर आदि

2. राज्य सूची के विषय (Subject Of State List)

राज्य सूची में वर्तमान समय में 61 विषयों को सम्मिलित किया गया है, इसके अनुसार प्रमुख विषय इस प्रकार है- न्यायालय ,राज्य पुलिस ,जिला अस्पताल , सफाई , पशु , सिंचाई , कृषि, सड़क, वन , रेलवे पुलिस, वन , वांट एवं नाप इत्यादि |

3. समवर्ती सूची के विषय (Subject Of Concurrent List)

वर्तमान समय में समवर्ती सूची में कुल 52 विषयों को सम्मिलित किया गया है, जिनमे से प्रमुख इस प्रकार है-
शिक्षा, दीवानी एवं फौजदारी मुकदमे, श्रम कल्याण, कारखाने, समाचार पत्र, वन , आर्थिक एवं सामाजिक नियोजन, प्रदूषण नियंत्रण, परिवार नियोजन, वांट माप इत्यादि

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