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Last Updated on August 15, 2022 by kumar Dayanand

नीव का पत्थर मायजियोलाइफ न्यूज के सीईओ दयानंद जी उर्फ दीपक सर

MyJioLife न्यूज के सीईओ दयानंद जी उर्फ दीपक सर बड़े ही हसमुख स्वाभाव के थे। लोग प्रायः ही उनसे उनके हसमुख स्वाभाव और निःस्वार्थ सेवा भावना के लिए प्रभावित हो जाया करते थे।

 एक बार दयानंद जी उर्फ दीपक सर पर एक गंभीर आरोप लगाया गया । लेकिन उसके पास सारे सबूत भी थे, लेकिन उसने उसे कोर्ट में नहीं दिखाया, क्योंकि उसे कोर्ट में दिखाने के बाद महिला जाति का अपमान होता, और वह महिलाओं का बहुत सम्मान करते थे |  लेकिन दयानंद जी उर्फ दीपक सर बहुत संकोची थे वे कभी नहीं चाहते थे की उनका नाम अखबारों में छपे और लोग उनकी प्रशंशा और स्वागात करे। एक बार दयानंद जी उर्फ दीपक सर जी के मित्र नें उनसे पूछा, “ दीपक सर ! आप अख़बारों में नाम छपवाने में इतना परहेज़ क्यों करते हैं।

दयानंद जी मुस्कुराए और बोले, “मेरे गुरु कार्यभार को सोंपते हुए कहा था की, दीपक ताजमहल में दो तरह के पत्थर लगे हैं। एक बढ़िया संगमरमर के पत्थर हैं, जिन्हें दुनियां देखती है और प्रशंशा करती है।

 और दुसरे ताजमहल की नीव में लगे हैं जो दीखते नहीं और जिनके जीवन में अँधेरा ही अँधेरा है। लेकिन ताजमहल को वे ही खड़ा किए हुए है।

मेरे गुरु के ये शब्द मुझे हमेशा याद रहते हैं और में नीव का पत्थर बना रहना चाहता हूँ।

 इसलिए हमें भी ज़िन्दगी में दिखावे से बचकर वो कार्य करना चाहिए जो असल में ज़रूरी है।

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