Biography Pandit Jawaharlal Nehru

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जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था | इनके पिता पंडित मोतीलाल नेहरू इलाहाबाद के प्रसिद्ध वकील व राष्ट्रीय कांग्रेस की राजनीति से जुड़े हुए थे | नेहरू की शिक्षा घर पर तथा बाद में इंग्लैंड में हुई |

Jawaharlal Nehru was born on 14 November 1889 in Allahabad. His father Pandit Motilal Nehru was a famous lawyer of Allahabad and associated with the politics of the National Congress. Nehru was educated at home and later in England.

यहां से वकालत पास करके और भारत लौटे | 1916 मे उनका विवाह कमला कॉल से हो गया | 1929 मैं पहली बार आप कांग्रेस के अध्यक्ष निर्वाचित हुए | आप का इलाहाबाद का बंगला “ आनंद भवन” कांग्रेस तथा स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख हेड क्वार्टर था |

Passed advocacy from here and returned to India. He was married to Kamla Call in 1916. For the first time in 1929, he was elected President of the Congress. His bungalow “Anand Bhavan” in Allahabad was the main head quarters of the Congress and the freedom movement.

नेहरू जी स्वतंत्रता आंदोलन के समय ज्यादातर समय जेलों में रहे | जेलो में वह पुस्तके लिखते रहें | उनके प्रसिद्ध पुस्तकों में “पिता के पात्रे पुत्री के नाम, डिस्कवरी ऑफ इंडिया, विश्व इतिहास की झलक तथा आत्मकथा आधी है | 15 अगस्त 1947 गोवा है स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने | नेहरू जी ने देश की तेज प्रगति के लिए भारी उद्योग स्थापित कराए |

Nehru remained in jails most of the time during the freedom movement. Keep writing those books in jails. Among his famous books are “Father’s characters daughter’s name, Discovery of India, Glimpses of world history and half an autobiography.” On 15 August 1947 Goa became the first Prime Minister of independent India. Nehru set up heavy industries for the country’s rapid progress.

भारतीय अर्थव्यवस्था के सुधार के लिए उन्होंने सोवियत संघ का मॉडल चुना तथा भारत में पंचवर्षीय योजनाएं चालू की | उन्होंने देश से में समाजवाद लाने के लिए समाजवाद और पूंजीवाद के समन्वयवाद का रास्ता चुना | अपने करिश्माई व्यक्तित्व के कारण व विश्व नेता के रूप में माने जाने लगे | विदेश नीति में उन्होंने गुटनिरपेक्षता को बढ़ावा दीया |

For the improvement of the Indian economy, he chose the model of the Soviet Union and started five-year plans in India. He chose the path of socialism and capitalism’s co-ordination to bring socialism from the country. Due to his charismatic personality and was considered as a world leader. In foreign policy, he promoted non-alignment.

वह पड़ोसी देशों के साथ मैत्री और भाईचारा चाहते थे | इसी संबंध में उन्होंने ‘पंचशील’ सिद्धांत प्रतिपादित किया | लेकिन चीन ने 1962 मैं भारत पर आक्रमण करके उनके सपने को चकनाचूर कर दिया | प्रधानमंत्री नेहरू का 27 मई 1964 को देहांत हो गया | नेहरू जी को बच्चों से बड़ा प्रेम करते थे इसीलिए भारत में 14 नवंबर का दिन “ बाल दिवस” के रूप में मनाया जाता है |

He wanted friendship and brotherhood with neighboring countries. In this connection, he propounded the ‘Panchsheel’ principle. But China invaded India in 1962 and shattered his dream. Prime Minister Nehru died on 27 May 1964. Nehru loved children a lot, that’s why November 14 is celebrated in India as “Children’s Day”.

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