Hindi Poetry (हिन्दी कविता) : लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश

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Last Updated on November 27, 2022 by kumar Dayanand

Hindi poetry (हिन्दी कविता) :हरों से डर कर नौका पार नहीं होती,

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

न्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है।
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है।
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में।
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

सफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम।
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

CHAIRMAN & MANAGING DIRECTOR

सफलता के 10 सूत्र :-

  1.  लक्ष्य पर डटे रहो |
  2.  कर्म करो, आलस्य त्यागो |
  3.  चुनौतियों का सामना करो |
  4.  ध्येय के प्रति पूर्ण एकाग्र रहो |
  5.  शक्तिशाली बनो, कमजोर नही |
  6.  आत्मविश्वास बनाए रखो |
  7.  गलतियों से सीखो |
  8.  दूसरो को दोष मत दो |
  9.  मन को उदार बनाओ |
  10.  किसी को कष्ट मत दो |

त्य परेशान हो सकता हैं, राजित नहीं”

By: Dayanand Sir Alias Deepak Sir

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