Hindi Story (हिंदी कहानी): हर अच्छे काम में सहायता करो

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Last Updated on July 13, 2022 by kumar Dayanand

Hindi Story (हिंदी कहानी): हर अच्छे काम में सहायता करो 

रावन द्वारा सीता हरण के बाद भगवन राम रावन से युद्ध करने के लिए और लंका तक पहुचने के लिए सागर पर पुल बंधवा रहे थे। भालू, बन्दर बड़े बड़े पत्थर उठा कर समुद्र में डाल रहे थे।

भी भगवान् राम की दृष्ठि एक गिलहरी पर पड़ी। गिलहरी बालू में लोटती जिससे उसके शारीर पर बालू के कुछ कण चिपक जाते थे। फिर वह उन चिपके हुए कनों को पुल पर जमें हुए पत्थरों पर गिरा देती थी।

ह देखकर भगवान् राम आश्चर्यचकित हुए और बड़े प्यार से गिलहरी के पास जाकर उसे हाथ में उठाया और उससे पूछा,“यह तुम क्या कर रही हो”

प्रभु राम का स्नेह पाकर गिलहरी बोली, “इस पुनीत कार्य में बन्दर-भालू तो बड़े-बड़े पत्थर उठा कर पुल का निर्माण कर रहें हैं। में छोटी सी गिलहरी भला इतने बड़े पत्थर कैसे उठा सकती हूँ इसलिए बालू के छोटे-छोटे कण उठा कर इस कार्य में अपना योगदान दे रही हूँ।

प एक अच्छे काम के लिए निकले है और अच्छे कार्य में तो हयोग करना ही चाहिए।

गिलहरी की बात सुनकर भगवान् राम बहुत प्रसन्न हुए। कहा जाता है की गिलहरी के कार्य से प्रसन्न होकर भगवान् राम ने स्नेहता से उसके शारीर पर अपना हाथ फेरा था और आज भी गिलहरी के शरीर पर जो धारियां दिखाई देती है वह भगवान् राम की उँगलियों के निशान ही है। इसलिए हमें यह कभी नहीं सोचना चाहिए की हमारा योगदान कितना बड़ा है। किसी भी अच्छे काम के लिए जितना और जैसा भी हम कर सकते हैं वह हमें वश्य करना चाहिए।

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