Motivational Story: मन के हारे हार है मन के जीते जीत

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Last Updated on August 15, 2022 by kumar Dayanand

Motivational Story: मन के हारे हार है मन के जीते जीत

 * हिरन के दौड़ने की क्षमता करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटा है, वहीं बाघ के दौड़ने की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटा की होती है। लेकिन फिर भी बाघ हर बार हिरण का शिकार कर लेता है। जानते हैं क्यों?

हिरण के मन में डर होता है कि वह बाघ से जीत नहीं पायेगा और इसी डर की वजह से वह बार -बार रुक कर पीछे मुड़कर देखता है। हिरण के मन का डर उसकी रफ़्तार को कम कर देता है, और बाघ उसका शिकार कर लेता है।

मित्रों मन का डर हमेशा हमें आगे बढ़ने से रोकता है। जिस व्यक्ति के मन में हार जाने का डर है, वह कभी भी अपनी पूरी क्षमता से काम कर ही नहीं सकता। उसका मन उसको हमेशा कमजोर होने का अहसास कराता रहेगा।

आप चाहें किसी भी फिल्ड में हों और आप चाहें कोई भी कार्य कर रहे हों, आपको अपने मन को जीतना बहुत जरूरी है क्यूंकि जो व्यक्ति मन से हार जाता है वो अपार क्षमता होने के बावजूद कभी सफल नहीं हो सकता।

जीतना है तो असफल होने के सारे रास्ते बंद कीजिये –

पुराने समय की एक कहानी है कि महोसर नाम का एक छोटा सा राज्य हुआ करता था। एक दिन गुप्तचरों ने राजा को सूचना दी कि पड़ोसी राज्य हम पर हमला करने वाला है।

गुप्तचरों ने बताया कि खबर एकदम पक्की है, सिर्फ कुछ चंद दिनों के भीतर ही पड़ोसी राज्य अपनी विशाल सेना के साथ हम पल हमला कर देगा और उनकी बड़ी सेना के आगे हमारा टिक पाना बेहद कठिन है।

राजा बेहद चिंतित हो गया, उसने तुरंत सभा बुलाई और सभी लोगों से सलाह मांगी कि अब हम लोगों का मरना तय है, अगर किसी व्यक्ति के पास कोई सुझाव है तो वह अपना सुझाव हमारे साथ साझा कर सकता है।

राजा के चतुर मंत्री ने कहा – राजन, अब जब जान पर बन ही आयी है तो इसका एकमात्र उपाय है कि हमें आज ही पड़ोसी राज्य पर हमला कर देना चाहिये।

राजा बोला – मंत्री जी हमारी सेना बहुत छोटी है, हम उनका मुकाबला कैसे कर पाएंगे ?

मंत्री बोला – राजन, पड़ोसी राज्य की अभी युद्ध की तैयारी नहीं है, अभी उनपर हमला कर दिया तो वह संभल नहीं पायेंगे और हमारे जीतने की कुछ तो उम्मीदें बनेंगी। ऐसे भी अगर हमने हमला नहीं किया तो हमारा विनाश तो तय है ही क्यूंकि कुछ दिनों में पड़ोसी राज्य हमपर कूच करने ही वाला है।

राजा को बात जंच गयी, उसने तुरंत अपनी सेना को तैयार होने का आदेश दिया और राज्य के नागरिक भी सेना के साथ जुड़कर युद्ध करने चल दिए।

पड़ोसी राज्य में जाने से पहले एक सेना को विशाल नदी के ऊपर बना एक पुल पार करना था। जैसे ही सेना पुल पार करके पड़ोसी राज्य में घुसी, तो राजा ने उस पुल को आग लगवा दी, और सेना को बोल दिया कि अब हमारे पास वापस जाने का कोई रास्ता नहीं है। या तो हमें विजय प्राप्त करनी है या फिर यहीं मरकर प्राण त्याग देने हैं।

सभी सैनिक अपनी पूरी क्षमता के साथ लड़े और पड़ोसी राज्य की बड़ी सेना को भी मात दे दी।

मित्रों, जैसे राजा ने अपनी सेना की असफलता के सभी रास्ते बंद किये थे ठीक वैसे ही आपको भी अपनी असफलता के सभी रास्ते बंद करने होंगे। आपने स्वयं महसूस किया होगा कि जब इंसान के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं तभी वह सबसे ज्यादा मेहनत करता है और सफलता हासिल करता है।

अपनी सफलता के लिए खुद को झोंक दीजिये, अपनी असफलता के बारे में सोचना ही छोड़ दीजिये क्यूंकि आपके पास असफल होने का कोई ऑप्शन ही नहीं है। खुद को असफल होने का कोई ऑप्शन ही मत दो, डरो नहीं कोई भी समस्या आपकी क्षमता से बड़ी नहीं है। जुट जाइये, सफलता आपकी राह देख रही है।

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