Poem & कविता: चले हैं जिस सफ़र पर, उसका कोई अंजाम तो होगा

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POEM & कविता: चले हैं जिस सफ़र पर, उसका कोई अंजाम तो होगा

चले हैं जिस सफ़र पर
   उसका कोई अंजाम तो होगा
   जो हौंसला दे सके
   ऐसा कोई जाम तो होगा,

  जो दिल में ठान ही ली है
  कामयाबी को अपना बनाने की
  तो कोई न कोई इंतजाम तो होगा।

शुरुआत करने के लिए
    महान बनने की जरूरत नहीं है,
लेकिन महान बनने के लिए
शुरुआत करने की जरूरत है।

उठो और पूरे उत्‍साह के साथ
दिन को बेहतर बनाओ।

जिंदगी हमें हमेशा दूसरा मौका
देती है।
यह कल नहीं आने वाला है,
जो है बस आज है।

कोई इतना अमीर नही की
अपना पुराना वक़्त खरीद सके,
कोई इतना गरीब नहीं की
अपना आने वाला वक़्त न बदल सके।

 दुनियां उन्हीं की खैरियत
पूछती है जो पहले से खुश हो,
जो तकलीफ में होते हैं,
उनके तो नंबर तक खो जाते हैं।

किसी भी हाल में खुद
को कभी बिखरने मत देना,
लोगों का क्या?
लोग तो गिरे हुए मकान
की ईंटे तक ले जाते हैं,

अजीब तरह के लोग हैं इस दुनिया में,
अगरबत्ती भगवान के लिए खरीदते हैं,
और खुशबू खुद की पसंद की ले जाते हैं।

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