The Truth – कौन हूँ मैं, खुद को अभी जानें, अपनी अंतरात्मा को पहचाने

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The Truth – कौन हूँ मैं, खुद को अभी जानें, अपनी अंतरात्मा को पहचाने 

आज का अव्यावहारिक हूँ पर
कल की सहज दिनचर्या हूँ मैं

ज की उदासी और
मायूसी हूँ लेकिन
कल की उमंग और
कल का उत्साह हूँ मैं

ज का घनघोर अंधेरा हूँ तो क्या
कल का जगमग सवेरा हूँ मैं

ज की चुप्पी और
आस का मौन हूँ पर
कल को गुंजाने वाला
सच्चा डॉन हूँ मैं

ज मुश्किलों से घिरा हुआ
रिंग हूँ लेकिन
कल पूरी दुनिया जीतने वाला
किंग हूँ मैं

ज खुद को संभालने वाली
एक झड़प हूँ पर
कल सभी चाहेंगे जिसे
बस उनकी यही तड़प हूँ मैं

ज की खामोशी हूँ तो क्या
कल का प्रचंड आँधीतूफान हूँ मैं

ज का असफल प्रयास हूँ लेक़िन
कल की बुलंदियोंका सितारा हूँ मैं

ज कर्मो का
काला कोयला हूँ तो क्या
कल का कोहीनूर हीरा हूँ मैं

ज पतित हूँ तो क्या
कल का पवित्र और पावन हूँ मैं

ज विकारों का दलदल हूँ मगर
कल भगवानको अर्पित कमल हूँ मैं

ज का असतत और
लापरवाह हूँ पर
कल पूरे विश्व की परवाह हूँ मैं

ज बाधा और
उलझनों का पहाड़ हूँ पर
कल ब्रह्मांड को
कंपाने वाली दहाड़ हूँ मैं

ज सिर्फ एक कतरा हूँ तो क्या
कल अथाह प्रेम का दरिया हूँ मैं
आज दर्द में हूँ तो क्या
कल की पीढ़ी की

आस का ज़रिया हूँ मैं

ज एक कमरे में बंद हूँ तो क्या
कल करोड़ो की
महफ़िल का चांद हूँ मैं
आज कुछ कण बर्बाद हुए तो क्या
कल की
दुनिया के दिलो पर आबाद हूँ मैं

ज निराशा की अमावस्या हूँ पर
कल की महकती चांदनी और
दमकता पूनम हूँ मैं

ज कमज़ोर हूँ तो क्या
कल का बाहुबली हूँ मैं

ज दैहिक कामनाओं का
बन्धन हूँ मगर
कल माया की
हर बेड़ी से स्वतंत्र हूँ मैं

ज शोषित और दमन हूँ तो क्या
कल का अदभुत और अदम्य हूँ मैं

ज बिखरता हुआ
पतझड़ हूँ तो क्या
कल निखरती हुई
ज़िंदगी का सावन हूँ मैं

ज एक चिंगारी हूँ तो क्या
कल का
धधकता ज्वालामुखी हूँ मैं

ज विष का प्याला हूँ मगर
कल की
पीढ़ी के लिये सुधासागर हूँ मैं

ज दर्द का कड़वा घूँट हूँ पर
कल के
लाइलाज मर्ज की औषधि हूँ मैं

ज सिर्फ एक आधार हूँ तो क्या
कल सबसे ऊंची मीनार का
कंगूरा हूँ मैं

ज का चिकना फर्श हूँ लेकिन
कल का आसमा सा अर्श हूँ मैं

ज आंसुओ में नम पलक हूँ पर
कल इस जहाँ को बदलने वाली
मुस्कुराती सी एक झलक हूँ मैं

अंत होगा मेरा भी सच है
पर सिद्ध यही होगा कि
अनन्त हूँ मैं

ज का कल हूँ और
कल का आज हूँ मैं
एक पंथ
दो काज हूँ मैं

सभी ताजो का सिरमौर
सरताज़ हूँ मैं
मासूम दिल वाले बस
इसे समझेंगे
बाकी सबके लिये तो
एक खूबसूरत

राज़ हूँ मैं””’

  क्योंकि अनन्त हूँ मैं

          धन्यवाद

मेरे प्यारे दोस्त आप चाहे जहा भी , इस कविता को पढ़ रहे है ,यह आपके लिये ही है। इस कविता की हर पंक्ति हमे हर मुश्किल में धीरज रखकर एक नई आशा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। इसलिये प्यारे दोस्त ज़िंदगी में जो भी लड़ाई आप लड़ रहे हो Give Up मत करना। हिम्मत नही हारना। जीत को तुम तक आना ही होगा
आज का दर्द कल का सुकून है। अभी रात है तो कल सुबह भी होगी। बस विश्वास मत छोड़ना। मुश्किल दिन गुज़र जाएंगे। मेरा विश्वास करना।

अपना ध्यान रखना
आपकी ज़रूरत है
आपके अपनो को
आपके सपनो को |

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