UPSC Motivational Story By Dayanand Sir

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Last Updated on September 27, 2022 by kumar Dayanand

UPSC Motivational Story By Dayanand Sir 

दास्तां सुनाएंगे सफ़र की मंजिल को जिस दिन हासिल कर लेंगे।

क्या कुछ नहीं गवाया यहाँ तक आते आते। 

✅ के हारे खुद को संभालते,

गिरते पड़ते खुद को सहलाते ,

खुद के आंसू खुद की पोंछते ,

और मंज़िल की और कम बढ़ाते।

फ़र लंबा था , हिम्मत भी अटूट थी ,

विश्वा भी गहरा था,

बस रास्ते की ठोरें कभी कभी लड़खड़ा देती थी,

ठके खुद के सहारे ही चलते गए,

हौंसला बनाए रखा और र्म की और बढ़ते गए।

आशाओं के मौसम में कभी निराशाओं के बाल गहराते थे ,

लेकिन फिर से उते थे और मंज़िल की और कदम बढ़ाते थे ,

शायद जिंदगी इसी का ही नाम हैं ,

सफ़र सुहाना हैं, समस्याएं तो रोज की कहानी है ,

शायद हिम्मत से चलते रहना यहीं जिंदगी की असली कहानी हैं।

CHAIRMAN & MANAGING DIRECTOR

 ** डर मुझे भी लगा फ़ासला देख कर **

 ** पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर.** 

** खुद ब खुद मेरे नज़दीक आती गई **

** मेरी मंज़िल मेरा हौंसला देख कर **.

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